रंगों की फुहार, चैत्र की सुहानी सुबह और हिंदू नववर्ष (Vikram Samvat 2083) का मंगलमय आगमन—मार्च 2026 का महीना भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े उत्सवों का साक्षी बनने जा रहा है। लाला रामस्वरूप कैलेंडर (Lala Ramswaroop Calendar) के अनुसार, मार्च का महीना भक्ति और आनंद का ऐसा संगम है जहाँ ‘फाल्गुन’ की मस्ती होली के रंगों में घुलती है और ‘चैत्र’ की पवित्रता नवरात्रि के रूप में घर-घर में शक्ति का संचार करती है।
यदि आप मार्च 2026 के त्यौहारों की लिस्ट, हिंदू नववर्ष के राजा-मंत्री की जानकारी और विवाह के शुभ मुहूर्त खोज रहे हैं, तो यह विस्तृत आर्टिकल आपकी हर जिज्ञासा को शांत करेगा। लाला रामस्वरूप पंचांग की शुद्धता और 90 वर्षों के भरोसे के साथ, आइए जानते हैं इस महीने के हर महत्वपूर्ण पर्व का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व।
मार्च 2026: नव संवत्सर और शक्ति का पर्व (A Month of New Beginnings)
मार्च 2026 की शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी से हो रही है। इस महीने का मुख्य आकर्षण बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होली और साक्षात देवी साधना का पर्व चैत्र नवरात्रि है। लाला रामस्वरूप पंचांग 2026 के अनुसार, इसी महीने से हम नए संवत 2083 में प्रवेश करेंगे, जिसे ‘नव संवत्सर’ कहा जाता है। आइए, इस महीने के प्रमुख उत्सवों का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
प्रमुख त्यौहारों और व्रतों की विस्तृत जानकारी (List of March 2026 Festivals)
3 मार्च 2026 (मंगलवार): होलिका दहन (Holika Dahan)
मार्च की शुरुआत में ही होलिका दहन का पावन पर्व मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा की इस रात बुराई की प्रतीक होलिका जलती है और भक्त प्रहलाद की अटूट आस्था की विजय होती है। इस रात को ‘सिद्धियों की रात’ भी माना जाता है। घरों में लोग गोबर के बड़कुलों और सूखी लकड़ियों से होलिका तैयार करते हैं और उसकी परिक्रमा कर सुख-शांति की कामना करते हैं।
4 मार्च 2026 (बुधवार): होली (धुलंडी) – रंगों का उत्सव
होलिका दहन के अगले दिन 4 मार्च को रंगों वाली होली पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी। यह पर्व आपसी मनमुटाव भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाने और प्रेम के रंग में रंगने का संदेश देता है। ब्रज की लठमार होली से लेकर काशी की मसान होली तक, भारत के हर कोने में यह त्यौहार अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।
8 मार्च 2026 (रविवार): रंग पंचमी
होली के 5 दिन बाद चैत्र कृष्ण पंचमी को रंग पंचमी मनाई जाती है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में इस दिन रंगों का एक बड़ा उत्सव (गेर) निकाला जाता है। माना जाता है कि इस दिन हवा में उड़ाए गए रंगों से देवताओं का आह्वान होता है और घर में खुशहाली आती है।
11 मार्च 2026 (बुधवार): शीतला अष्टमी (Basoda)
चैत्र कृष्ण अष्टमी को माता शीतला की पूजा की जाती है। इसे ‘बासोड़ा’ भी कहते हैं क्योंकि इस दिन माता को ठंडे (बासी) भोजन का भोग लगाया जाता है। यह पर्व हमें स्वच्छता और आयुर्वेद के नियमों के प्रति जागरूक करता है। बदलते मौसम के दौरान चेचक और अन्य बीमारियों से बचने के लिए माता शीतला की कृपा प्राप्त की जाती है।
14 मार्च 2026 (शनिवार): पापमोचनी एकादशी
चैत्र कृष्ण एकादशी को पापमोचनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह एकादशी अनजाने में हुए सभी पापों का नाश करने वाली मानी गई है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति के हृदय की मलिनता दूर होती है और सद्बुद्धि प्राप्त होती है।
19 मार्च 2026 (गुरुवार): हिंदू नववर्ष प्रारंभ (Vikram Samvat 2083) और चैत्र नवरात्रि
मार्च की सबसे महत्वपूर्ण घटना 19 मार्च को होगी, जब हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर 2083) का आरंभ होगा। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत और घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी।
गुड़ी पड़वा और उगादी: महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा और दक्षिण भारत में उगादी के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। इस दिन नीम के पत्तों का सेवन करने और नए ध्वज फहराने की परंपरा है। चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की आराधना होगी, जिससे वातावरण में दिव्य शक्ति का संचरण होगा।
26 मार्च 2026 (गुरुवार): राम नवमी (Rama Navami)
चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। लाला रामस्वरूप पंचांग 2026 के अनुसार, दोपहर के समय जब सूर्य अपने चरम पर होता है, तब ‘भये प्रगट कृपाला’ के गीतों के साथ भगवान राम का जन्म मनाया जाता है। यह दिन धर्म की स्थापना और असत्य पर सत्य की विजय का महान संदेश देता है।
मार्च 2026 की महत्वपूर्ण व्रत और तिथि तालिका (Vrat Dates Table)
अपनी आध्यात्मिक साधना और उपवास के लिए इन तिथियों को नोट कर लें:
- 1 मार्च 2026: रवि प्रदोष व्रत (शक्तिशाली शुरुआत)।
- 3 मार्च 2026: फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन।
- 8 मार्च 2026: रंग पंचमी उत्सव।
- 11 मार्च 2026: शीतला अष्टमी (बासोड़ा)।
- 14 मार्च 2026: पापमोचनी एकादशी व्रत।
- 16 मार्च 2026: सोम प्रदोष व्रत।
- 17 मार्च 2026: मासिक शिवरात्रि।
- 19 मार्च 2026: हिंदू नववर्ष प्रारंभ, चैत्र नवरात्रि प्रारंभ, घटस्थापना।
- 21 मार्च 2026: गणगौर पूजा (राजस्थान का प्रमुख पर्व)।
- 26 मार्च 2026: श्री राम नवमी जन्मोत्सव।
- 30 मार्च 2026: कामदा एकादशी (चैत्र शुक्ल पक्ष)।
शुभ मुहूर्त, विवाह और होलाष्टक (Shubh Muhurat in March 2026)
मार्च के शुरुआती दिनों में यानी 3 मार्च तक ‘होलाष्टक’ लगा रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित हैं। 4 मार्च की होली के बाद विवाह और मांगलिक कार्यों के मुहूर्त खुलेंगे।
नए व्यापार और गृह प्रवेश: 19 मार्च (हिंदू नववर्ष) और 26 मार्च (राम नवमी) के दिन ‘अबूझ मुहूर्त’ रहेंगे। यदि आप नया घर खरीदना चाहते हैं या व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो नवरात्रि के ये नौ दिन अत्यंत श्रेष्ठ हैं। सटीक मुहूर्त के लिए हमेशा लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2026 की मदद लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मार्च 2026 में अमावस्या किस दिन है?
चैत्र कृष्ण अमावस्या 18 मार्च को है, जो पितृ कार्य के लिए उत्तम है। इसके अगले ही दिन से नववर्ष शुरू हो जाएगा।
हिंदू नववर्ष 2083 का नाम क्या होगा?
2026 में शुरू होने वाले हिंदू संवत्सर का नाम पंचांग के अनुसार ‘परिधावी’ या गणना विशेष के आधार पर जो नाम आएगा, वह लाला रामस्वरूप पंचांग में स्पष्ट रूप से दिया गया है।
रंग पंचमी किस तारीख को मनाई जाएगी?
चैत्र कृष्ण पंचमी यानी रंग पंचमी 8 मार्च 2026 (रविवार) को मनाई जाएगी।
क्या मार्च 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त हैं?
हाँ, होली के बाद और चैत्र नवरात्रि के दौरान विवाह के कई शुभ लग्न उपलब्ध हैं।
शीतला अष्टमी या बासोड़ा 2026 में कब है?
माता शीतला की पूजा 11 मार्च 2026 (बुधवार) को की जाएगी। इस दिन बासी भोजन करने की परंपरा है।
मार्च 2026 में कितनी एकादशी आ रही हैं?
इस महीने दो मुख्य एकादशी हैं: 14 मार्च को पापमोचनी एकादशी और 30 मार्च को कामदा एकादशी।
राम नवमी 2026 में किस तारीख को है?
भगवान राम का जन्मोत्सव राम नवमी 26 मार्च 2026 (गुरुवार) को मनाया जाएगा।
चैत्र नवरात्रि 2026 के घटस्थापना का मुहूर्त क्या है?
19 मार्च को सुबह सूर्योदय के बाद के समय को कलश स्थापना के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। विस्तृत चौघड़िया मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंचांग को देखें।
हिंदू नववर्ष 2026 (Vikram Samvat 2083) किस दिन से शुरू होगा?
हिंदू नववर्ष यानी नव संवत्सर 2083 की शुरुआत 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से होगी।
लाला रामस्वरूप कैलेंडर के अनुसार होली 2026 में किस दिन है?
वर्ष 2026 में होलिका दहन 3 मार्च को और रंगों वाली होली (धुलंडी) 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी।
निष्कर्ष (Conclusion)
लाला रामस्वरूप पंचांग मार्च 2026 हमें यह याद दिलाता है कि फाल्गुन और चैत्र के ये दिन केवल कैलेंडर की तारीखें नहीं, बल्कि हमारी आत्मा के शुद्धिकरण और उत्सव का समय हैं। होली की अग्नि में बुराइयों को जलाने से लेकर नवरात्रि में देवी भक्ति तक, यह महीना हमें नई शुरुआत का साहस देता है।
9 दशकों से भारत के करोड़ों घरों का विश्वास रहा लाला रामस्वरूप कैलेंडर आपकी हर योजना को शुद्ध और मंगलमय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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