जनवरी की कड़ाके की ठंड और आध्यात्मिक स्नान के बाद, अब हम फरवरी 2026 में प्रवेश कर रहे हैं। हिंदू कैलेंडर की दृष्टि से फरवरी का महीना भक्ति, तप और उत्सव का अनूठा संगम है। इसी महीने में हम ‘माघ’ मास की पूर्णता और ‘फाल्गुन’ मास की मस्ती का अनुभव करते हैं। लाला रामस्वरूप कैलेंडर (Lala Ramswaroop Calendar) के अनुसार, इस महीने का सबसे बड़ा आकर्षण देवाधिदेव महादेव का महापर्व महाशिवरात्रि है।
यदि आप फरवरी 2026 के त्यौहारों की लिस्ट, सरकारी छुट्टियां और विवाह के शुभ मुहूर्त खोज रहे हैं, तो यह विस्तृत आर्टिकल आपकी हर जिज्ञासा को शांत करेगा। लाला रामस्वरूप पंचांग की शुद्धता और 90 वर्षों के भरोसे के साथ, आइए जानते हैं इस महीने के हर महत्वपूर्ण दिन का विवरण।
फरवरी 2026: भक्ति और शक्ति का संगम (A Month of Devotion)
फरवरी 2026 की शुरुआत ही बेहद पावन तिथि से हो रही है। 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा है, जो माघ स्नान की पूर्णता का दिन है। इसके बाद पूरा महीना भगवान शिव और श्री हरि विष्णु की आराधना के रंग में रंगा रहेगा। इस महीने में महाशिवरात्रि, विजया एकादशी और अमलकी एकादशी जैसे व्रत भक्तों को विशेष ऊर्जा प्रदान करेंगे।
प्रमुख त्यौहारों और व्रतों की विस्तृत जानकारी (List of Festivals)
1 फरवरी 2026 (रविवार): माघ पूर्णिमा और संत रविदास जयंती
फरवरी की पहली ही तारीख को माघ पूर्णिमा का महापर्व है। इस दिन पवित्र नदियों, विशेषकर गंगा जी में स्नान करने का अक्षय पुण्य मिलता है। इसी दिन प्रयागराज में चल रहे कल्पवास की पूर्णाहुति होती है। साथ ही, इसी दिन महान समाज सुधारक और कवि संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती भी मनाई जाएगी। “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का संदेश देने वाले रविदास जी का जीवन हमें समानता और भक्ति की शिक्षा देता है।
5 फरवरी 2026 (गुरुवार): द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को ‘द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी’ के रूप में मनाया जाता है। लाला रामस्वरूप पंचांग 2026 के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश के ‘द्विजप्रिय’ स्वरूप की पूजा करने से पारिवारिक कष्ट दूर होते हैं और व्यापार में उन्नति मिलती है।
7 फरवरी 2026 (शनिवार): यशोदा जयंती
फाल्गुन कृष्ण षष्ठी को माता यशोदा की जयंती मनाई जाती है। भगवान कृष्ण को अपनी ममता से पालने वाली माता यशोदा का यह दिन मातृत्व के सम्मान का दिन है। इस दिन माताएं अपनी संतानों के सुख-सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं।
13 फरवरी 2026 (शुक्रवार): विजया एकादशी
अपने नाम के अनुरूप यह एकादशी शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली मानी गई है। भगवान राम ने लंका पर आक्रमण से पहले समुद्र किनारे इसी ‘विजया एकादशी’ का व्रत किया था। इस दिन सात प्रकार के अनाज (सप्तधान्य) भरकर कलश की स्थापना करना और भगवान विष्णु का पूजन करना अत्यंत फलदायी होता है।
15 फरवरी 2026 (रविवार): महाशिवरात्रि (The Great Night of Shiva)
वर्ष 2026 का सबसे प्रतीक्षित दिन 15 फरवरी है, जब पूरे विश्व में महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जाएगा। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की यह रात शिव और शक्ति के मिलन (विवाह) की रात है।
पूजन का विशेष समय: 15 फरवरी की रात को ‘निशीथ काल’ में शिव पूजन का विशेष महत्व है। महाशिवरात्रि पर भक्त चार प्रहर (4-Pahar) की पूजा करते हैं। भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप इस रात को सिद्ध बना देता है। मान्यता है कि इस रात को जागकर शिव आराधना करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं।
19 फरवरी 2026 (गुरुवार): शिवाजी जयंती (Shivaji Jayanti)
मराठा साम्राज्य के संस्थापक और भारत के महान वीर सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मोत्सव 19 फरवरी को मनाया जाएगा। यह दिन वीरता, साहस और स्वराज्य के संकल्प का प्रतीक है। महाराष्ट्र सहित पूरे देश में इसे गौरवपूर्ण रूप से मनाया जाता है।
27 फरवरी 2026 (शुक्रवार): अमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi)
फाल्गुन शुक्ल एकादशी को अमलकी एकादशी कहा जाता है। इसे ‘रंगभरी एकादशी’ भी कहते हैं क्योंकि इसी दिन से काशी में होली की शुरुआत होती है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है और भगवान विष्णु को आंवला अर्पित किया जाता है। स्वास्थ्य और मोक्ष की दृष्टि से यह व्रत विशेष महत्व रखता है।
फरवरी 2026 की महत्वपूर्ण व्रत और तिथि तालिका (Vrat Dates Table)
अपनी पूजा और उपवास के लिए इन तिथियों को नोट कर लें:
- 1 फरवरी 2026: माघ पूर्णिमा, संत रविदास जयंती।
- 5 फरवरी 2026: संकष्टी चतुर्थी व्रत (चंद्रोदय के अनुसार)।
- 13 फरवरी 2026: विजया एकादशी व्रत।
- 14 फरवरी 2026: शनि प्रदोष व्रत (शिव पूजा के लिए श्रेष्ठ)।
- 15 फरवरी 2026: महाशिवरात्रि महापर्व | शिवरात्रि व्रत।
- 17 फरवरी 2026: फाल्गुन अमावस्या (पितृ कार्य के लिए)।
- 24 फरवरी 2026: होलाष्टक प्रारंभ (शुभ कार्यों पर रोक)।
- 27 फरवरी 2026: अमलकी एकादशी (रंगभरी एकादशी)।
फरवरी 2026 में शुभ मुहूर्त और सावधानियां
फरवरी महीने में 15 तारीख तक शिवरात्रि से पहले का समय साधना के लिए उत्तम है। लाला रामस्वरूप पंचांग फरवरी 2026 के अनुसार, मकर संक्रांति के बाद शुरू हुए शुभ कार्य फरवरी के पहले पखवाड़े तक चलेंगे।
होलाष्टक की चेतावनी: 24 फरवरी से ‘होलाष्टक’ लग जाएगा। होली से आठ दिन पहले का यह समय शुभ कार्यों (विवाह, मुंडन, नींव पूजन) के लिए वर्जित माना जाता है। इसलिए कोई भी बड़ा मांगलिक कार्य 24 फरवरी से पहले ही कर लें या फिर होली के बाद करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अमलकी एकादशी क्यों मनाई जाती है?
अमलकी एकादशी (27 फरवरी) भगवान विष्णु की कृपा और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए मनाई जाती है। इसी दिन से होली के उत्सव का आगाज़ होता है।
फरवरी 2026 में कितने सरकारी अवकाश (Holidays) हैं?
महाशिवरात्रि (15 फरवरी) और शिवाजी जयंती (19 फरवरी – कुछ राज्यों में) मुख्य अवकाश रहेंगे। रविवार की छुट्टियां 1, 8, 15, और 22 फरवरी को होंगी।
महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक का सबसे शुभ समय क्या है?
महाशिवरात्रि पर पूरे दिन जलाभिषेक किया जा सकता है, लेकिन 15 फरवरी की मध्यरात्रि (निशीथ काल) का समय तंत्र और मंत्र सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
होलाष्टक 2026 में कब से शुरू हो रहे हैं?
24 फरवरी 2026 से होलाष्टक शुरू हो जाएंगे, जो होली (4 मार्च) तक चलेंगे। इस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते।
फरवरी 2026 में अमावस्या किस दिन है?
इस महीने फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी 2026 (मंगलवार) को है। यह पितृ शांति और दान-अर्घ्य के लिए विशेष है।
शिवाजी जयंती 2026 में किस दिन है?
छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी।
संत रविदास जयंती 2026 में कब है?
संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती 1 फरवरी 2026 (रविवार) को माघ पूर्णिमा के दिन मनाई जाएगी।
क्या फरवरी 2026 में शादी के मुहूर्त हैं?
हाँ, 15 फरवरी से पहले और होलाष्टक (24 फरवरी) लगने से पहले कुछ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। विस्तृत जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग या ज्योतिषी से सलाह लें।
फरवरी 2026 में कितनी एकादशी आ रही हैं?
इस महीने दो महत्वपूर्ण एकादशी हैं: 13 फरवरी को विजया एकादशी और 27 फरवरी को अमलकी एकादशी।
लाला रामस्वरूप कैलेंडर के अनुसार महाशिवरात्रि 2026 में कब है?
वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। फाल्गुन चतुर्दशी तिथि की शुरुआत इसी दिन हो रही है।
निष्कर्ष (Conclusion)
लाला रामस्वरूप पंचांग फरवरी 2026 हमें यह याद दिलाता है कि जीवन में उत्सव और अनुशासन (व्रत) दोनों का होना आवश्यक है। महाशिवरात्रि की पावन रात से लेकर संत रविदास की शिक्षाओं तक, यह महीना हमें अध्यात्म की गहराई में ले जाता है।
9 दशकों से भारत के हर घर का हिस्सा रहा लाला रामस्वरूप कैलेंडर केवल एक पंचांग नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का दर्पण है।
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