चैत्र नवरात्रि की पावन बेला और हिंदू नववर्ष के उल्लास के बाद, अब हम अप्रैल 2026 के महीने में प्रवेश कर चुके हैं। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अप्रैल का यह महीना अत्यंत ऊर्जावान और मंगलकारी है। लाला रामस्वरूप कैलेंडर (Lala Ramswaroop Calendar) के अनुसार, इस महीने में ‘चैत्र’ मास की पूर्णता और ‘वैशाख’ मास की शीतलता का अद्भुत मिलन होता है।
यदि आप अप्रैल 2026 के त्यौहारों की लिस्ट, अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त और सरकारी अवकाश खोज रहे हैं, तो यह विस्तृत लेख आपकी सभी जिज्ञासाओं को शांत करेगा। लाला रामस्वरूप पंचांग की शुद्धता और 90 वर्षों की शानदार विरासत के साथ, आइए जानते हैं अप्रैल 2026 के हर खास दिन का महत्व और उसकी आध्यात्मिक महिमा।
अप्रैल 2026: भक्ति और समृद्धि का द्वार (A Month of Abundance)
फरवरी और मार्च के उत्सवों के बाद, अप्रैल का महीना हमें समर्पण और समृद्धि का संदेश देता है। इस महीने की शुरुआत में ही जहां हनुमान जयंती जैसा भक्तिपूर्ण पर्व है, वहीं महीने के मध्य में अक्षय तृतीया जैसा ‘अबूझ मुहूर्त’ वाला दिन है, जो सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लाला रामस्वरूप पंचांग 2026 के अनुसार, इस महीने में सूर्य देव भी अपनी चाल बदलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे नई फसलों और नए संवत्सर की खुशियां और बढ़ जाती हैं।
प्रमुख त्यौहारों और व्रतों की विस्तृत जानकारी (List of April 2026 Festivals)
2 अप्रैल 2026 (गुरुवार): हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti)
चैत्र मास की पूर्णिमा को भगवान शिव के ग्यारहवें अवतार हनुमान जी की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन ‘संकटमोचन’ हनुमान का प्राकट्य हुआ था। भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी की आराधना करने से भक्तों के सभी रोग, दोष और कष्ट दूर हो जाते हैं। 1000 से अधिक वर्षों से चली आ रही मान्यताओं के अनुसार, इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष फल मिलता है। मंदिरों में सिंदूर से हनुमान जी का श्रृंगार और बूंदी के लड्डुओं का भोग इस दिन की मुख्य परंपरा है।
13 अप्रैल 2026 (सोमवार): वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi)
वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी सभी प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाने वाली और व्यक्ति की रक्षा (वरुथिनी – कवच) करने वाली मानी गई है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने वाला व्यक्ति सीधे भगवान विष्णु के परम लोक को प्राप्त करता है। इस दिन खरबूजे का दान करना और सात्विक आहार लेना अत्यंत शुभ माना जाता है।
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार): बैसाखी और अंबेडकर जयंती
अप्रैल का यह दिन राष्ट्रीय और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैसाखी (Baisakhi): पंजाब और उत्तर भारत में नई फसलों के स्वागत का उत्सव ‘बैसाखी’ बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह सिखों के खालसा पंथ की स्थापना का भी दिन है।
डॉ. अंबेडकर जयंती: इसी दिन बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती भी है। यह दिन समानता और न्याय के संकल्प का प्रतीक है, जिसे पूरा देश सम्मान के साथ मनाता है। लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2026 के अनुसार, इसी दिन सूर्य का मेष राशि में संक्रमण (Mesh Sankranti) भी होता है।
19 अप्रैल 2026 (रविवार): अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) – अनन्त फलदायी दिन
अप्रैल महीने का सबसे बड़ा धार्मिक और मांगलिक आकर्षण अक्षय तृतीया है। वैशाख शुक्ल तृतीया के इस दिन को शास्त्रों में ‘अक्षय’ (जिसका कभी क्षय न हो) कहा गया है।
सोना खरीदने का मुहूर्त: माना जाता है कि इस दिन घर में सोना-चांदी या कीमती वस्तुएं लाने से माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। यह दिन दान-पुण्य के लिए भी सर्वोत्तम है। इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और सतयुग तथा त्रेतायुग का आरंभ भी माना जाता है। विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे कार्यों के लिए यह एक ‘अबूझ मुहूर्त’ है, यानी इसमें पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।
अप्रैल 2026 की महत्वपूर्ण व्रत और तिथि तालिका
अपनी दैनिक पूजा और व्रतों की योजना बनाने के लिए नीचे दी गई तालिका का उपयोग करें:
- 2 अप्रैल 2026: हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा स्नान।
- 5 अप्रैल 2026: संकष्टी गणेश चतुर्थी।
- 10 अप्रैल 2026: कालाष्टमी (भैरव पूजन)।
- 13 अप्रैल 2026: वरुथिनी एकादशी व्रत।
- 14 अप्रैल 2026: बैसाखी, अंबेडकर जयंती, मेष संक्रांति।
- 15 अप्रैल 2026: प्रदोष व्रत (बुधवार)।
- 16 अप्रैल 2026: मासिक शिवरात्रि।
- 17 अप्रैल 2026: वैशाख अमावस्या (पितृ श्राद्ध हेतु)।
- 19 अप्रैल 2026: अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती (अबूझ मुहूर्त)।
- 22 अप्रैल 2026: शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती।
- 24 अप्रैल 2026: गंगा सप्तमी (गंगा पूजन)।
- 26 अप्रैल 2026: सीता नवमी (जनकपुरी उत्सव)।
- 28 अप्रैल 2026: मोहिनी एकादशी व्रत।
शुभ मुहूर्त और मांगलिक कार्य (Shubh Muhurat April 2026)
मई की भीषण गर्मी से पहले, अप्रैल का महीना मांगलिक कार्यों के लिए बहुत अनुकूल रहता है। लाला रामस्वरूप पंचांग अप्रैल 2026 के अनुसार, मकर संक्रांति के बाद शुरू हुए विवाह के शुभ मुहूर्त इस महीने के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेंगे।
अक्षय तृतीया का विशेष लाभ: यदि आपका विवाह तय हो गया है या आप नए व्यापार की शुरुआत करना चाहते हैं, तो 19 अप्रैल का दिन वर्ष का सबसे श्रेष्ठ दिन है। इस दिन किए गए कार्यों में कभी कमी नहीं आती। सटीक कुंडली मिलान के लिए आप अपने परिवार के ज्योतिषी की सलाह अवश्य लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2026 के अनुसार हनुमान जयंती कब है?
वर्ष 2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल (गुरुवार) को मनाई जाएगी। यह चैत्र मास की पूर्णिमा का दिन है।
अक्षय तृतीया 2026 में किस दिन पड़ रही है?
साल 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल (रविवार) को मनाई जाएगी। यह दिन खरीदारी और दान के लिए अत्यंत शुभ है।
अप्रैल 2026 में कितनी एकादशी आ रही हैं?
अप्रैल के महीने में दो मुख्य एकादशी हैं: 13 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी और 28 अप्रैल को मोहिनी एकादशी।
बैसाखी 2026 में किस तारीख को मनाई जाएगी?
बैसाखी का त्यौहार 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) को मनाया जाएगा। इसी दिन मेष संक्रांति भी होगी।
क्या अप्रैल 2026 में शादी के शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं?
हाँ, अप्रैल के शुरुआती और अंतिम सप्ताह में विवाह के कई सुंदर मुहूर्त हैं। 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) सबसे बड़ा मुहूर्त है।
हनुमान जयंती पर पूजा का विशेष विधान क्या है?
हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। चमेली के तेल और सिंदूर का लेप चढ़ाना बहुत फलदायी होता है।
वैशाख अमावस्या 2026 में कब है?
इस महीने वैशाख कृष्ण अमावस्या 17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को पड़ रही है, जो पितृ कार्य के लिए विशेष है।
अक्षय तृतीया पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर सोना, चांदी या नए वाहन की खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और लक्ष्मी सदैव टिकी रहती हैं।
गंगा सप्तमी 2026 में किस दिन है?
गंगा सप्तमी 24 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन माँ गंगा के स्वर्ग से धरती पर आने की कथा से जुड़ा है।
अम्बेडकर जयंती 2026 पर क्या कोई विशेष छुट्टी है?
हाँ, 14 अप्रैल को पूरे देश में सरकारी अवकाश रहता है। यह दिन डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के सम्मान में मनाया जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
लाला रामस्वरूप पंचांग अप्रैल 2026 हमें यह याद दिलाता है कि जीवन में संघर्ष (हनुमान जी) और सफलता (अक्षय तृतीया) दोनों का महत्व है। हनुमान जयंती की भक्ति और अक्षय तृतीया की समृद्धि का यह संगम हमारे आने वाले समय को खुशहाली से भर देता है।
90 से अधिक वर्षों से भारतीय परिवारों का मार्गदर्शन करने वाला लाला रामस्वरूप कैलेंडर शुद्धता का पर्याय है। इस आर्टिकल को अपने मित्रों और परिजनों के साथ साझा करना न भूलें ताकि वे भी अपनी संस्कृति के इस महान महीने की सही जानकारी पा सकें। सटीक पंचांग और भविष्यफल के लिए lalaramswaroopcalendar.com से जुड़े रहें!