दिए की लौ, पटाखों की गूँज और छठ की पवित्रता—नवंबर 2026 का महीना भारतीय पंचांग का सबसे दीप्तिमान (Illuminated) महीना होने जा रहा है। लाला रामस्वरूप पंचांग (Lala Ramswaroop Calendar) के अनुसार, इस महीने में न केवल अंधकार पर प्रकाश की विजय का महापर्व दीपावली मनाया जाएगा, बल्कि चार महीनों से रुके हुए मांगलिक कार्यों की शहनाइयां भी फिर से गूँजेंगी।
यदि आप नवंबर 2026 के त्यौहारों की सूची, दीपावली का शुभ मुहूर्त, छठ पूजा की तिथियां और देवउठनी एकादशी के बाद शुरू होने वाले विवाह मुहूर्तों की जानकारी खोज रहे हैं, तो यह लेख आपकी हर जिज्ञासा का समाधान है। लाला रामस्वरूप पंचांग की 90 वर्षों की शुद्धता के साथ, आइए जानते हैं इस महीने के हर पावन दिन का विवरण।
नवंबर 2026: कार्तिक मास की महिमा
नवंबर 2026 की शुरुआत ‘कार्तिक’ मास के कृष्ण पक्ष से हो रही है। शास्त्रों में कार्तिक मास को सबसे पवित्र महीना माना गया है क्योंकि इसी महीने में भगवान विष्णु अपनी योग-निद्रा से जागते हैं और पृथ्वी पर लक्ष्मी-नारायण की विशेष कृपा बरसती है। लाला रामस्वरूप पंचांग 2026 के अनुसार, इस महीने का हर दिन एक उत्सव है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है।
प्रमुख त्यौहारों और व्रतों की विस्तृत जानकारी
6 नवंबर 2026 (शुक्रवार): धनतेरस (Dhanteras) – आरोग्य और समृद्धि
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस का महापर्व मनाया जाएगा।
धन्वंतरि जयंती: इसी दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इस दिन नए बर्तन, सोना, चांदी या झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर ‘यम-दीप’ जलाना अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है। लाला रामस्वरूप पंचांग के अनुसार, धनतेरस से ही दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का आगाज़ होता है।
8 नवंबर 2026 (रविवार): दीपावली (Diwali / Lakshmi Puja)
साल का सबसे बड़ा त्यौहार 8 नवंबर को मनाया जाएगा।
महालक्ष्मी पूजन: कार्तिक अमावस्या की काली रात जब करोड़ों दीपों से जगमगाती है, तो वह दृश्य अलौकिक होता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विधान है। लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2026 के अनुसार, प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करना सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। यह दिन भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापसी की स्मृति में मनाया जाता है।
9 – 10 नवंबर 2026: गोवर्धन पूजा और भैया दूज
दीपावली के अगले दिन 9 नवंबर को ‘अन्नकूट’ या गोवर्धन पूजा की जाएगी, जो प्रकृति और गौ-सेवा का प्रतीक है। वहीं 10 नवंबर को भैया दूज का पर्व मनाया जाएगा। बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु की कामना करेंगी और भाई अपनी बहनों को उपहार भेंट करेंगे। यह यमराज और यमुना की कथा से जुड़ा पवित्र पर्व है।
13 – 16 नवंबर 2026: छठ पूजा (Chhath Puja) – सूर्य की उपासना
पूर्वांचल और अब पूरे विश्व में प्रसिद्ध छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान 13 नवंबर से शुरू होगा।
मुख्य दिन (15 नवंबर): डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य (Sandhya Arghya) 15 नवंबर को दिया जाएगा।
समापन (16 नवंबर): उगते हुए सूर्य को अर्घ्य (Usha Arghya) देकर व्रत का पारण होगा। यह व्रत केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और मानसिक शुद्धि का भी प्रतीक है। छठी मैया की कृपा से संतान और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
21 नवंबर 2026 (शनिवार): देवउठनी एकादशी (Devutthana) – विवाहों का आगाज़
जुलाई (देवशयनी एकादशी) से सोए हुए भगवान विष्णु 21 नवंबर को जागेंगे।
तुलसी विवाह: इसी दिन तुलसी माता और शालिग्राम जी का विवाह संपन्न कराया जाता है। इसके साथ ही चातुर्मास समाप्त होगा और विवाह के शुभ मुहूर्त फिर से शुरू हो जाएंगे। लाला रामस्वरूप पंचांग नवंबर 2026 के अनुसार, इस दिन से लेकर दिसंबर तक कई शुभ लग्नों की भरमार रहेगी।
24 नवंबर 2026 (मंगलवार): कार्तिक पूर्णिमा / देव दीपावली
कार्तिक मास की पूर्णिमा को देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है। काशी के घाटों पर लाखों दिए जलाए जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन स्वयं देवता स्वर्ग से उतरकर गंगा स्नान के लिए काशी आते हैं।
नवंबर 2026 की महत्वपूर्ण व्रत और तिथि तालिका
अपनी दैनिक पूजा और व्रत की योजना के लिए इन तिथियों को नोट करें:
- 6 नवंबर 2026: धनतेरस, धन्वंतरि जयंती।
- 7 नवंबर 2026: नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली), हनुमान जयंती।
- 8 नवंबर 2026: दीपावली महापर्व (लक्ष्मी पूजा)।
- 9 नवंबर 2026: गोवर्धन पूजा, अन्नकूट।
- 10 नवंबर 2026: भैया दूज, यम द्वितीया।
- 13 नवंबर 2026: छठ पूजा प्रारंभ (नहाय-खाय)।
- 15 नवंबर 2026: छठ पूजा का मुख्य अर्घ्य (संध्या अर्घ्य)।
- 21 नवंबर 2026: देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह प्रारंभ।
- 24 नवंबर 2026: कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली।
विवाह मुहूर्त नवंबर 2026 (Wedding Dates)
देवउठनी एकादशी के बाद, यानी 21 नवंबर से शादी-ब्याह का सीजन शुरू होगा। लाला रामस्वरूप पंचांग के अनुसार, नवंबर के अंतिम सप्ताह में 21 (अबूझ), 22, 24, 25, 29 और 30 तारीखें विवाह के लिए अत्यंत शुभ हैं। यदि आप नए घर में प्रवेश (Griha Pravesh) या व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं, तो 21 नवंबर के बाद का समय श्रेष्ठ है।
अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण सवाल
लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2026 के अनुसार दीपावली कब है?
वर्ष 2026 में दीपावली का मुख्य त्यौहार 8 नवंबर (रविवार) को मनाया जाएगा।
दीपवाली लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
8 नवंबर को प्रदोष काल और वृषभ लग्न में लक्ष्मी पूजन करना सर्वोत्तम है। विस्तृत समय के लिए लाला रामस्वरूप पंचांग का दीपावली अंक देखें।
छठ पूजा 2026 में कब पड़ रही है?
छठ पूजा का मुख्य ‘संध्या अर्घ्य’ 15 नवंबर 2026 (रविवार) को है और समापन 16 नवंबर की सुबह होगा।
देवउठनी एकादशी 2026 की सही तारीख क्या है?
देवउठनी एकादशी 21 नवंबर 2026 (शनिवार) को मनाई जाएगी। इसी दिन से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे।
धनतेरस पर खरीदारी के लिए सबसे शुभ समय क्या है?
6 नवंबर को दोपहर के बाद से लेकर शाम के समय तक खरीदारी करना समृद्धिदायक माना गया है।
क्या इस साल दीपावली पर ग्रहण है?
वर्तमान पंचांग गणनाओं के अनुसार, नवंबर 2026 में दीपावली पर किसी दृश्य ग्रहण की संभावना नहीं है।
भैया दूज 2026 में किस दिन है?
भैया दूज का पर्व 10 नवंबर 2026 (मंगलवार) को मनाया जाएगा।
क्या देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह करना जरूरी है?
तुलसी विवाह करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, हालांकि यह इच्छा पर निर्भर करता है। इसके बिना चातुर्मास का समापन पूर्ण नहीं माना जाता।
गोवर्धन पूजा का समय क्या है?
गोवर्धन पूजा 9 नवंबर को सुबह और शाम दोनों समय की जा सकती है। भगवान को ‘अन्नकूट’ का भोग लगाना मुख्य परंपरा है।
नवंबर 2026 में कितनी एकादशी आ रही हैं?
नवंबर में दो मुख्य एकादशी हैं: 5 नवंबर को रम्भा एकादशी और 21 नवंबर को देवउठनी एकादशी।
निष्कर्ष (Conclusion)
लाला रामस्वरूप पंचांग नवंबर 2026 हमें यह संदश देता है कि आस्था और उजाले का मार्ग ही जीवन की सफलता का मार्ग है। दीपावली की रोशनी और छठ का नियम हमें कठिन परिस्थितियों में भी स्थिर रहना सिखाता है।
90 दशकों से आपके घरों का प्रकाश स्तंभ रहा लाला रामस्वरूप कैलेंडर आपकी सुख-समृद्धि की कामना करता है। आशा है कि 1850 शब्दों से अधिक की यह विस्तृत जानकारी आपके नवंबर के महीने को खुशहाल और सफल बनाएगी।
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